Marwari Vikash Trust

[04 / 75]   हमारा देश हमारी जीवनी

श्रीअग्रसेन अग्रवालजाति के पितामह पौराणिक समाजवाद के अग्रदूत, युगपुरुष, रामराज्य समर्थक, महादानी, समाजवाद के प्रथम जनक थे। पिता राजाकुरु, माता महारानीभगवती ,पत्नी माधवी परिवार की शोभा थी।बचपन से प्रजा लोकप्रिय,धार्मिक, शान्तिदूत,प्रजावत्सल, हिंसाविरोधी, बलीप्रथा परतिरोधी,करूणानिधि, जीवप्रेमी दयालु राजा थे जिनकी राजधानी अग्रोहाधाम है।मातालछमी की कृपा से 18 पुत्र हुए जिन्हे 18 राज्य महर्षिगर्गश्रृषि के आदेश पर विभिन्न श्रृषियो द्वारा यज्ञ कराकर अग्रवाल समाज के 17 गोत्र बनाये गये, अन्त मे 18वेयज्ञ मे जिवित पशु की बलि अग्रसेनजी ने रोककर नगेन्द्रश्रृषि के नाम नांगलगोत्र रखा।राज्यो मे बसनेवाले नवागत परिवार को सहायता के रूप मे “एकइटएकरूपया” भेंट करते थे।महाराज आज भी अमर है। अनिल मुकीम अग्रसेन जी महाराज जो अग्रवाल समाज के युगपुरुष,लोकनायक एवं दान दाता माने जाते हैं, उनकी जन्म द्वापर युग के अंत में श्री राम जी के पुत्र कुश की चौतीस वी पीढ़ी में हुआ था। उन्होंने अपनी स्वयंवर माधवी एवं सुंदरावती से रचा एवं 18 पुत्र हुए। इन सभी पुत्र को यज्ञ करवा कर 18 गोत्र बनाये। उन्होंने 100 सालों की राज के बाद अपना पूरा राज्य अपने ज्येष्ठ पुत्र को सौंपकर कर स्वयं तपस्या करने चले गए। सीख : हमे अग्रसेन जी महाराज के जैसे दयालु ,समान एवं हिंसा को त्यागने की भावना रखनी चाहिए। धन्यवाद प्रियम गोयनका महाराजा अग्रसेन समाजवाद के अग्रदूत, युग पुरुष, राम राज्य के समर्थक और महादानी तथा समाजवाद के पहले जनक थे। महाराजा अग्रसेन अग्रवाल जाति के पितामह थे। वे अग्रोदय नामक गणराज्य के महाराजा थे। जिसकी राजधानी अग्रोहा थी।महाराजा अग्रसेन का जन्म अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को हुआ, जिसे अग्रसेन जयंती के रूप में मनाया जाता है। महाराजा अग्रसेन के पिता का नाम राजा बल्लभ सेन था और उनकी माता का नाम महारानी श्रीमती भगवती देवी जी था। उनका विवाह नागवंश की राजकुमारी माधवी के साथ हुआ था। महाराज अग्रसेन ने अपने प्रजा की खुशहाली के लिए माँ लक्ष्मी की तपस्या की, एवं राज्य, जनता एवं कुल की सुख संपदा का वरदान पदक प्राप्त किया। वेद प्रकाश केजरीवाल अग्रसेन राजा वल्लभ सेन के सबसे बड़े पुत्र थे. कहा जाता हैं इनका जन्म द्वापर युग के अंतिम चरण में हुआ था,इन्होने महाभारत युद्ध में पांडवो के पक्ष में युद्ध किया था. इनका विवाह नागराज कन्या माधवी से हुआ था. माता लक्ष्मी ने उन्हें दर्शन दिये और माता ने भगवान अग्रसेन को एक नवीन विचारधारा के साथ वैश्य जाति बनाने एवम एक नया राज्य रचने की प्रेरणा दी, जिसके बाद राजा अग्रसेन एवम रानी माधवी ने पुरे देश की यात्रा की और अपनी समझ के अनुसार अग्रोहा राज्य की स्थापना की । शुरुवात में इसका नाम अग्रेयगण रखा गया जो बदल कर अग्रोहा हो गया । यह स्थान आज हरियाणा प्रदेश के अंतर्गत आता हैं। यहाँ लक्ष्मी माता का भव्य मंदिर हैं।अग्रसेन महाराज के 18 पुत्र थे। उन 18 पुत्रों को यज्ञ का संकल्प दिया गया, जिन्हें 18 ऋषियों ने पूरा करवाया। इन ऋषियों के आधार पर गौत्र की उत्त्पत्ति हुई, जिसने भव्य 18 गोत्र वाले अग्रवाल समाज का निर्माण किया।इन्होने लगभग 100 वर्षो तक शासन किया था । इन्हें न्यायप्रियता, दयालुता, कर्मठ एवम क्रियाशीलता के कारण इतिहास के पन्नो में एक भगवान के तुल्य स्थान दिय गया है । आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा अर्थात नवरात्री के प्रथम दिन अग्रसेन जयंती मनाई जाती हैं। इस दिन भव्य आयोजन किये जाते हैं एवम विधि विधान से पूजा पाठ की जाती है । जनक पिता बनकर इन्होने नव समाज निर्माण किया इनके ही विचारों के कारण आज वैश्य जाति अर्थात् अग्रवाल समाज ने उद्धार किया । Ravi mittal Rangatand

 

“हमारा देश हमारी जीवनी” के सफल प्रतिभागी :-

  •     Mr. Ved Prakash Kejriwal
  •     CA Anil Kumar Mookim
  •     Mr. Ravindra Kumar Mittal
  •     Mr. Priyam Goenka

सभी को बहुत बहुत बधाई।

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